हाजीपुर: पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें रिपोर्टिंग के दौरान मिलने वाली सुविधाओं को लेकर पुलिस महकमा गंभीर हो गया है। वैशाली पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से सभी अनुमंडल पुलिस अधिकारियों (SDPO) को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

बिहार पुलिस मुख्यालय (सुरक्षा प्रभाग) के निर्देश और राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के पत्र के आलोक में जारी आदेश के अनुसार, अब पत्रकारों और बुद्धिजीवियों पर होने वाले हमलों को गंभीर अपराध की श्रेणी में मानकर त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
आदेश के मुख्य बिंदु:
गंभीर अपराध माना जाएगा हमला: पत्रकारों एवं बुद्धिजीवियों पर होने वाले किसी भी हमले को गंभीर अपराध माना जाएगा और मामले में तुरंत सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
त्वरित कार्रवाई: संगठनों द्वारा पत्रकारों व बुद्धिजीवियों की समस्याओं को उठाने पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टिंग में सहयोग: समाचार संकलन (कवरेज) और छायांकन (फ़ोटोग्राफ़ी/विडीयोग्राफ़ी) के दौरान मीडियाकर्मियों को पूरा और समुचित सहयोग प्रदान किया जाएगा।
पूर्वाग्रह मुक्त कार्रवाई व नम्र व्यवहार: पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पत्रकारों एवं बुद्धिजीवियों के साथ नम्र व्यवहार करें और किसी पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर कोई निरोधात्मक कार्रवाई न करें।
दोषी अधिकारियों पर होगी कठोर अनुशासनिक कार्रवाई
पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), हाजीपुर द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि इस संबंध में मीडियाकर्मियों या पत्रकारों की ओर से पुलिस के दुर्व्यवहार या असहयोग की शिकायत मिलती है, तो उसे अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। मामले की जांच के उपरांत दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस आदेश की प्रतिलिपि जिले के सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों, थानाध्यक्षों और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।
Author: Darpan 24 News










