
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे व गिरफ्तारी, एसआईआर रद्द करने तथा बिहार-बंगाल सहित अन्य राज्यों में चुनाव रद्द कर पुनः चुनाव कराने की उठी मांग


दरभंगा:_ वोट चोरी के खिलाफ इंडिया गठबंधन के देशव्यापी आह्वान पर आज दरभंगा में गठबंधन के प्रमुख घटक दलों कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी , भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भाकपा (माले), विकासशील इंसान पार्टी तथा आईआईपी पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में विशाल विरोध मार्च एवं आक्रोशपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में गठबंधन के नेता, कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा एवं आम लोग शामिल हुए। पोलो मैदान स्थित धरना स्थल से विशाल मार्च निकाला गया, जो लोहिया चौक, हाजमा चौराहा, लहेरियासराय टावर होते हुए समाहरणालय की ओर बढ़ा।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां एवं पार्टी के झंडे लेकर “वोट चोरी बंद करो”, “लोकतंत्र बचाओ”, “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” सहित विभिन्न नारे लगाए।
समाहरणालय के पास पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
मार्च के समाहरणालय पहुंचने से पहले ही पुलिस प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की एवं तीखी झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने आंदोलन को रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई महिलाओं सहित कुछ आंदोलनकारियों को चोटें भी आईं।

इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे। काफी देर तक चले गतिरोध के बाद वहीं सभा आयोजित की गई।
सभा की संयुक्त अध्यक्षता राजद जिलाध्यक्ष उदय शंकर यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष जमाल हसन, सीपीआई जिला मंत्री नारायण जी झा, सीपीएम जिला मंत्री अविनाश ठाकुर मंटू तथा भाकपा माले जिला मंत्री बैजनाथ यादव ने की।
ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न दलों के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार की चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित किए जा रहे हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि इंडिया गठबंधन लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए देशव्यापी आंदोलन चला रहा है और जब तक मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
चार प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन
सभा में इंडिया गठबंधन की ओर से चार प्रमुख मांगें प्रमुखता से उठाई गईं—
1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें और उनके खिलाफ लगाए जा रहे “वोट चोरी” के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई एवं गिरफ्तारी की जाए।
2. बिहार, बंगाल सहित जिन राज्यों में चुनावों को लेकर गंभीर आपत्तियां एवं मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप हैं, वहां हुए चुनावों को स्थगित/रद्द कर निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत पुनः चुनाव कराया जाए।
3. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को तत्काल रद्द किया जाए तथा SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़े जाएं।
4. चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
वक्ताओं ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियादी ताकत है और किसी भी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची, एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों पर सार्वजनिक रूप से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में सीपीआई के सहायक जिला मंत्री राजीव कुमार चौधरी, रामनरेश राय, मणिकांत झा, आनंद मोहन, अहमद अली, तमन्ना, वरुण कुमार झा, शैलेन्द्र मोहन झा, राजू मिश्रा, शरद कुमार सिंह, मोहम्मद कलाम, सीपीएम के राज्य सचिव मंडल सदस्य श्याम भारती, दिलीप भगत, राम सागर पासवान एवं गोपाल ठाकुर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसी प्रकार वीआईपी पार्टी के उमेश सहनी, राजद के पूर्व जिलाध्यक्ष उमेश राय, यासमीन खातून, भोलू यादव, राकेश नायक, आईआईपी पार्टी के नीरज दास, भाकपा माले के नेयाज अहमद, नंदलाल ठाकुर, सत्यनारायण पासवान पप्पू पासवान, विश्वनाथ पासवान, मो जमुलुद्दीन, शनिचरी देवी, हरि पासवान एवं अशोक पासवान सहित बड़ी संख्या में विभिन्न दलों के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
हजारों आंदोलनकारियों ने दी गिरफ्तारी
सभा के बाद आंदोलनकारियों ने सामूहिक रूप से लहेरियासराय थाना पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी दी। पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद आज के कार्यक्रम को स्थगित किया गया।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक दल या व्यक्ति का आंदोलन नहीं, बल्कि मताधिकार, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा की लड़ाई है। नेताओं ने कहा कि देशव्यापी आह्वान के तहत यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन सड़क से लेकर लोकतांत्रिक संस्थानों तक अपनी आवाज मजबूती से उठाता रहेगा।
Author: Mr.M.H. Khan











