
सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता, बिहार राज्य किसान सभा काउंसिल सदस्य, जननेता एवं बहादुरपुर प्रखंड के गोपीपट्टी गांव निवासी *कॉमरेड सत्यनारायण मुखिया (56 वर्ष)* का कल शाम हृदय गति रुकने से दुखद निधन हो गया। वे अंतिम क्षणों तक किसान-मजदूर के हक की लड़ाई लड़ते रहे और सदा के लिए हमें छोड़कर चले गए।

कॉमरेड सत्यनारायण मुखिया का राजनीतिक जीवन संघर्षों से भरा रहा। शुरुआती राजनीति भाकपा(माले) से शुरू हुई। उन्होंने दरभंगा लोकसभा, विधानसभा एवं बहेरी से जिला परिषद का चुनाव लड़ा था। आंदोलन के दौरान उन्हें पुलिस दमन का सामना करना पड़ा और लंबे समय तक जेल की यातनाएं भी झेलनी पड़ीं। हाल ही में उन्होंने सीपीआई(एम) में शामिल होकर पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में बहेरी-हायाघाट में पार्टी का कार्यभार संभाला था। अभी मोतिहारी में संपन्न 38वें राज्य सम्मेलन में उन्हें बिहार राज्य किसान काउंसिल सदस्य के रूप में चुना गया था।
उनके निधन से पूरे दरभंगा जिले में शोक की लहर दौड़ गई। खबर मिलते ही सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक, जनप्रतिनिधि एवं शुभचिंतक उनके पैतृक गांव गोपीपट्टी पहुंचे और अंतिम शव यात्रा में शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
श्रद्धांजलि देने वालों में प्रमुख रूप से पार्टी राज्य सचिव मंडल सदस्य *कॉ. श्याम भारती वामपंथी नेता भूषण मंडल मोहम्मद रिजवान कांग्रेसी नेता पूर्व मुखिया दयानंद पासवान दलित चेतना मंच के अध्यक्ष अशोक पासवानभोला पासवान की सीपी आई (एम)बहादुरपुर लोकल सचिव गणेश महतो, हायाघाट लोकल सचिव शोएब रजा शबन, बहेरी लोकल सचिव कॉमरेड अरविंद, लालदेव, हनुमान नगर लोकल सचिव कॉमरेड सुनील ठाकुर, जनवादी नौजवान सभा के जिला अध्यक्ष हीरा मंडल, सचिव मनोज यादव, SFI के जिला संयोजक हरिशंकर राम, किसान सभा के जिला सचिव रामसागर पासवान, दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला अध्यक्ष रामप्रीत राम, सचिव नीरज कुमार, जनवादी महिला समिति नेत्री सुशीला देवी संजय लालदेव ललन यादव राजीव चौधरी सुधीर पासवानसहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
पार्टी राज्य सचिव मंडल सदस्य कॉ. श्याम भारती ने शोक व्यक्त करते हुए कहा –
आज पार्टी ने एक सच्चे क्रांतिकारी सिपाही को खो दिया है। कॉमरेड सत्यनारायण मुखिया पेशेवर क्रांतिकारी निर्भीक एवं जन प्रिय नेता थे वह अंतिम क्षणों तकगरीब, किसान, मजदूर के लिए जीए और उसी के लिए लड़े। जेल, पुलिस दमन, सामंती शक्ति उन्हें कभी डिगा नहीं सका। यह हमारे लिए अपूरणीय क्षति है, निकट भविष्य में इसकी भरपाई करना मुश्किल है। उनका अधूरा सपना – शोषण मुक्त समाज का सपना – हम पूरा करेंगे। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
उन्होंने घोषणा की कि *कॉमरेड सत्यनारायण मुखिया की याद में 2 अक्टूबर को उनके पैतृक गांव गोपीपट्टी में श्रद्धांजलि-सह-संकल्प सभा* का आयोजन किया जाएगा।
Author: Darpan 24 News











