मीठे जल में महाझींगा (मैक्रोबौकियम रोसेनबर्गी) (स्कैंपी) का पालन पर कार्यशाला।

बेतिया,पश्चिमी चंपारण,बिहार:_ तालाब की तैयारी- तालाब की गहराई 1 से 1.5 मीटर रखना उपयुक्त है। तालाब से खरपतवार खाँऊ अवांछित मछली का निष्कासन कराना अवाश्यक है। उक्त बातें डॉ नूतन, जिला मत्स्यपदाधिकारी ने कार्यालय में महाझिंगा पालन के कार्यशाला के दौरान मौके पर उपस्थित मत्स्य कृषकों को संबोधित करते हुए कही। आगे उन्होंने कहा कि तालाब के चारों तरफ मजबुत बाँध होना चाहिए।तालाब के पानी का भौतिक एवं रासायनिक पारामीटर-तापमान 25-32 डिग्री सेल्सियस,पीएच-6.5-8.5

घुलित ऑक्सिजन 4-5 एमजी/ल (पीपीएम)

झींगा मछली के पालन के लिए तालाब में पीवीसी पाइप उसके सुरक्षित सेल्टर के उपयोग हेतु आवश्यक है।

चुना- 150 केजी / एकड स्टोकिंग से पहले तालाब को अच्छी तरह तैयार करके पोस्ट लार्वा को डालना चाहिए।

पोस्ट लार्वा का संचयन एवं प्रबंधन-हैचरी से 35 दिन का पोस्ट लार्वा को हि स्टोकिंग के लिए अनुकूल माना जाता है। 0.5 एकड में 8000 पोस्ट लार्वा स्टॉक करना चाहिए। इसका पालन अवधी 6 से 8 महिना होता है।

 

पलफिडिंग-

भोजन 2 से 3 बार देना चाहिए।

पानी के तापमान, उम्र एवं ग्रौथ के अनुसार बदलती है। फिडिंग 5 से 2 प्रतिशत घटाई जाती है।

आगे उन्होंने कहा कि फिडिंग के उपरांत तालाब में भोजन नहीं बचना चाहिए। तालाब में एरेटर होना आवश्यक है ताकि घुलित ऑक्सिजन 4 पीएमएम से अधिक बनी रहे।

पल छोटे झींगे से बड़े झिंगे में भोजन की प्रतिशत घटती जाती है।

एफसीआर 1.56 लगभग दर्ज होता है।आमतौर पर संवर्धन अवधि और कटाई अवधि 6 से 8 महीने की होती है।

 

बड़े झींगा को पार्शियल हार्वेस्टिंग करके निकाला जा सकता है। बडे झिंगा छोटे झिंगा को खाता है। क्योकि मांसाहारी होता है।

मेल झींगा का साईज फीमेल झिंगा के अनुपात में बड़ा होता है।

 

मीठे पानी के झींगों (स्कैम्पी/महा-झींगा) की खेती के लिए इकाई लागत अनुमान

औसत पशु घनत्व @ 40,000 PL20/हेक्टेयर। या

जल क्षेत्र-0.5 एकड़ बिशेष/आइटम 8000/0.5. एक्ज़े

 

स्कैम्पी बीज की लागत (पैकेजिंग और परिवहन सहित) PL-20 और उससे ऊपर 8000 राशि की लागत आता है।

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Author: Darpan 24 News


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