चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर कर रहा है काम, SIR के नाम पर 67 लाख वोटरों के नाम काटे – अशोक ढवले

दरभंगा:_ आज दरभंगा सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य एवं बिहार प्रभारी कॉमरेड अशोक ढवले ने कहा कि चुनाव आयोग की धांधली का भंडाफोड़ इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार रितिका चोपड़ा ने किया है।

उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में SIR (Special Intensive Revision) के माध्यम से 67 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इससे पूर्व पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए थे। इसमें अधिकतर नाम मुस्लिम, दलित, पिछड़े, गरीब और महिलाओं के हैं। दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ असहमति व्यक्त करते हुए मोर्चा खोला था। SIR के नाम पर महाराष्ट्र के चुनाव में भी यही किया गया। आज चुनाव आयोग बीजेपी सरकार के इशारे पर चल रहा है।

कॉमरेड ढवले ने कहा कि सीपीआई(एम) ने सभी विपक्षी दलों को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एकजुट संघर्ष के लिए एक मंच पर आने का आह्वान किया है। 28 सितंबर से 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती तक पार्टी सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों को साथ लेकर आंदोलन कर रही है, जिसकी मुख्य मांगें SIR की प्रक्रिया को रोकना एवं मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना है।

संविधान में बदलाव कर मुख्य चुनाव आयुक्त की बहाली की प्रक्रिया पर बीजेपी सरकार ने कब्जा कर लिया है। देश में संविधान पर हमला किया जा रहा है, लोगों के जनवादी अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को दरभंगा में राज्य स्तरीय भूमि अधिकार सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें पूरे बिहार से चुने हुए 800 से ऊपर प्रतिनिधि शामिल होंगे। बिहार में सामंतवादी टेन्डेंसी की राज अभी भी कायम है। पूरे देश में किसानों की जमीन को कॉरपोरेट के फायदे के लिए अधिग्रहित किया जा रहा है। केंद्र एवं राज्य की सरकार किसानों की जमीन हड़पने की साजिश रच रही है।

उन्होंने घोषणा की कि दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कॉमरेड रामदेव राय सीपीआई(एम) के अधिकृत उम्मीदवार होंगे। 3 अक्टूबर को उनका नामांकन दाखिल किया जाएगा। उन्होंने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से रामदेव राय को जिताने की अपील की।

सीपीआई(एम) के केंद्रीय सचिव मंडल सदस्य कॉमरेड विक्रम सिंह ने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लिखित आपत्ति दर्ज की थी, लेकिन उसे अनदेखा किया गया। मोदी और शाह के इशारे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार काम कर रहे हैं। यह सारा मामला जनता की अदालत में है, जनता इन्हें सबक सिखाएगी। हमारे संविधान ने सभी को मताधिकार का अधिकार दिया था, लेकिन बीजेपी नीत सरकार पूरे संवैधानिक अधिकार को खत्म करने का प्रयास कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि मुझे एयरपोर्ट से दरभंगा आने के क्रम में एम्स को देखकर ऐसा लगा कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है। प्रधानमंत्री ने एम्स चालू होने की बात कही, वहीं दरभंगा सांसद ने अगले वर्ष से एम्स में पढ़ाई शुरू होने की घोषणा की है, यह झूठा वादा है। एम्स का निर्माण अविलंब होना चाहिए। देश की जम्हूरियत इन सब चीजों को देख रही है और वह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई अवश्य लड़ेगी। सामंत और सरकार के बीच कॉरपोरेट के फायदे के लिए गठजोड़ है, जबकि सीपीआई(एम) जनता की रोजी-रोटी बढ़ाने की लड़ाई लड़ रही है। सीपीआई(एम) महासचिव को SIR के मुद्दे को लेकर हो रहे आंदोलन में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है, यह बहुत ही निंदनीय है। जनता का आंदोलन जारी रहेगा और अगले 6 महीने के अंदर देश की राजनीति बदलेगी। चुनाव आयोग को अपने आप में पूरी तरह स्वतंत्र होना ही चाहिए, लोकतंत्र की पारदर्शिता एवं चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से ही देश कामयाबी की ओर अग्रसर होगा।

संवाददाता सम्मेलन में सीपीआई(एम) राज्य सचिव मंडल सदस्य श्याम भारती, जिला सचिव मंडल सदस्य रामसागर पासवान, सीटू नेता सत्य प्रकाश चौधरी भी उपस्थित थे।

 

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Author: Darpan 24 News


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