दरभंगा :_ Just Rights for Children (JRC) के राष्ट्रीय अभियान के तहत आयोजित की गई ग्राम-सभा, जिसके सहयोगी के रूप में CHARDS (Comprehensive Health and Rural Development Society) संस्था दरभंगा में जमीनी स्तर पर काम कर रही है।

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार की मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और बिहार राज्य महिला एवं बाल विकास निगम सहित दरभंगा जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार, DPO ICDS श्रीमती चांदनी सिंह, जिला मिशन कॉर्डिनेटर ऋषि कुमार, परियोजना प्रबंधक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ बृजेश कुमार, जिला समन्वयक कार्ड्स नारायण कुमार मजूमदार, बाल संरक्षक मनोहर कुमार झा, सुनील पासवान, राधेश्याम ठाकुर, अर्चना कुमारी, भावना देवी, नीलाम्बर-प्रसाद, शिवगंगा देवी, रोहित कुमार के अथक प्रयास से जिले के तीस पंचायतों में महात्मा गांधी जयन्ती के अवसर पर आयोजित ग्राम सभा में बाल-विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल यौन शोषण मुक्त पंचायत बनाने का प्रस्ताव पारित कर सामूहिक संकल्प लिया गया।
दरभंगा जिलान्तर्गत सदर दरभंगा, केवटी, जाले, सिंहवाड़ा, हनुमान-नगर, बहादुरपुर सहित विभिन्न प्रखंडों के सनहपुर, कटका, राजो, निस्ता, मनिकौली, कटासा, सिंहवाड़ा ब्रह्मपुर, अरैला, कंसी, ओझौल, तारालाही, डरहार, कबीलरपुर, कोयला-स्थान, ननौरा, लालगंज, लहवार, माधोपुर-वस्तवारा, अरई-विरदीपुर, हरपुर आदि पंचायतों में विभिन्न सामुदायिक एवं पंचायत सरकार भवनों में ग्राम सभा की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता संबंधित पंचायत के मुखिया सह बाल विवाह निषेध अधिकारी ने की। इस अवसर पर सरपंच, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, आवास सहायक, सहित गण्यमान्य लोग विशेष रूप से उपस्थित थे। उपस्थित लोगों में महिला सदस्य, वार्ड सदस्य, आंगनवाड़ी सेविका, ग्रामीण शामिल थे। सभी के हस्ताक्षर रजिस्टर में लिए गए।
बैठक में चार मुख्य बिंदुओं पर चर्चा हुई:
1. पंचायत को बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित करना
2. बाल अधिकारों की स्थायी गतिविधि चलाना
3.बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति का सुदृढ़ीकरण एवं क्रियान्वयन
4. जागरूकता अभियान और निगरानी
संकल्प:_ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि आज से पंचायत में कोई भी बाल विवाह नहीं होने दिया जाएगा। यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है तो तुरंत 1098 चाइल्डलाइन, 112, JRC toll-free नम्बर और बाल विवाह निषेध अधिकारी को सूचना दी जाएगी। पंचायत स्तर पर निगरानी समिति गठित की जाएगी जो स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और गांवों में नजर रखेगी।
संबंधित पंचायत के सरपंचों ने कहा – “हमारी पंचायत अब बाल विवाह मुक्त बन गई है, यह हमारे लिए गर्व की बात है।”
यह कार्यक्रम JRC एवं भारत सरकार के उस लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत भारत को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाना है।
Author: Mr.M.H. Khan










