
बिहार के दरभंगा से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है!


दरभंगा :_ जिस जमीन पर पीढ़ियों से हल चलाकर किसानों ने अपने परिवार का पेट पाला… जिस जमीन से उनके घर का चूल्हा जलता है… क्या अब उसी जमीन से किसानों को बेदखल करने की बहुत बड़ी तैयारी हो चुकी है?
दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के मनोरा, पोखरशाम, बलभद्रपुर और इंदिरा कॉलोनी गांवों में हड़कंप मचा हुआ है। वजह? आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे परियोजना और एलिवेटेड कॉरिडोर के नाम पर किसानों की जमीनों का अधिग्रहण हो रहा है
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिटायर्ड कर्नल पी. के. चौधरी और किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने प्रशासन की कार्यशैली पर खड़े किए हैं कई तीखे सवाल पूछे
भारत सरकार के गजट को तक पर रखकर अधिग्रहण करने पर किसान नाराज है और आंदोलन से कोर्ट का दरवाजा काटने को मजबूर है!
किसान और PK चौधरी ने कहा कि बाजार में जिस जमीन की कीमत 20 लाख रुपये कट्ठा चल रही है, उसका मुआवजा किसानों को 2013 के पुराने सर्किल रेट पर महज कुछ लाख रुपये थमाया जा रहा है! सवाल यह है कि 2026 में 2013 के रेट से मुआवजा देना किसानों के साथ धोखा नहीं तो और क्या है?
बिना किसी जानकारी के इनलाइमेंट में बदलाव हो रहा है! वक्ता ने पूछ कि अधिनियम 2013 के सेक्शन 21(2) के तहत भेजे गए नोटिस में कर्पूरी चौक से मनोरा तक के प्रस्तावित रूट का कोई जिक्र ही नहीं था! पहले जो नक्शा पास हुआ था, वह नहर के ऊपर से था ताकि किसानों का नुकसान न हो… तो आखिर अचानक इनलाइनमेंट बदलकर किसानों की बलि क्यों दी जा रही है?
अब समझिए किसना ढाई साल से इंसाफ का इंतजार कैसे कर रहे हैं!
पिछली भारतमाला परियोजना में भी किसानों को सही मुआवजा नहीं मिला। आपत्तियां और अपीलें पिछले ढाई साल से प्रमंडल आयुक्त के दफ्तर में धूल फांक रही हैं! सुनवाई के नाम पर सिर्फ तारीखें मिल रही हैं!
किसान और आम जनता की जमीन पर अनावश्यक प्रोजेक्ट का बोझ बढ़ा रहा है!
जब दोनार से बेनीपुर हाईवे 4-लेन हो रहा है, एम्स के बगल में 4-लेन बन रहा है… तो महज 2.5 किलोमीटर की दूरी के लिए इस नए निर्माण की जिद क्यों? क्या यह सिर्फ सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ डालने की तैयारी है? किसान के प्रतिनिधि ने सीधा अल्टीमेटम दिया है कि मांगें नहीं मानने पर बड़ा आंदोलन होगा
किसान के प्रतिनिधियों ने सरकार और प्रशासन के सामने रखी हैं ये 5 बड़ी मांगें:
एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना पर तुरंत रोक लगाई जाए।
2.बाजार दर का सही मूल्यांकन करने के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित की जाए।
3. दरभंगा में 2013 से अटके सर्किल रेट का तुरंत संशोधन हो।
4. प्रमंडल आयुक्त के पास लंबित मुआवजा मामलों पर अतिशीघ्र सुनवाई हो।
5. Act, 2013 के तहत प्रभावित परिवारों को नौकरी और पुनर्वास मिले।
अगर चार साल पहले भारतमाला परियोजना में अपनी जमीनें दे चुके किसानों पर फिर से अधिग्रहण की मार पड़ी, तो कई परिवार पूरी तरह से बेघर और बेरोजगार हो जाएंगे। क्या सरकार किसानों की इन गंभीर आपत्तियों पर संज्ञान लेगी या फिर दरभंगा की धरती पर एक बड़े किसान आंदोलन की शुरुआत होने जा रही है?
Author: Darpan 24 News










