
दरभंगा नगर निगम के विस्तार की खबर ने ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मचा दिया है। 8 पंचायत के मुखिया दरभंगा जिला अधिकारी के यहां पहुंचकर पंचायत को नगर निगम में शामिल नहीं करने की अपील करने लगे ! मिली जानकारी के अनुसार सदर प्रखंड के शहरी विधानसभा क्षेत्र की आठ पंचायतों को नगर निगम में शामिल करने की प्रशासन तैयारी कर रही है, और इसी के विरोध में मुखिया जनप्रतिनिधियों का एक डेलिगेशन जिलाधिकारी से मिला।


सोमवार को सभी 8 मुखिया एंव मुखिया प्रतिनिधियों ने डीएम दरभंगा को एक संयुक्त आवेदन सौंपा है। आवेदन में कहा गया है कि इन पंचायतों की 85 प्रतिशत अर्थव्यवस्था आज भी खेती पर निर्भर है। आबादी सिर्फ 15 प्रतिशत हिस्से में ही है, बाकी में खेती हो रही है। अगर इन्हें नगर निगम में शामिल कर लिया गया, तो ग्रामीणों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं और मनरेगा जैसी रोजगार योजनाओं से वंचित होना पड़ेगा। ऊपर से नगर निगम का टैक्स का बोझ आम लोगों पर बढ़ जाएगा पर आय का श्रोत नहीं बढ़ेगा ! इन आठ पंचायत में शामिल है रानीपुर,वासुदेवपुर, शीशे पूर्वी, शीशे पश्चिम, शाहबाजपुर, कंसी, सरामोहनपुर, कबीरचक!

जनप्रतिनिधियों का साफ कहना है कि मौजूदा समय में तो ग्राम पंचायतों में पूरी तरह से पंचायत राज की सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में बिना नगर निगम की सुविधाएं बहाल किए ही निगम में लाना ग्रामीणों के लिए बहुत नुकसानदायक होगा। अगर सरकार को करना ही है, तो कम से कम 10 से 15 साल और रुकना चाहिए।
मुखियाओं ने बताया कि जब से यह खबर गांव में गई है, ग्रामीणों में भय और आक्रोश है। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से सवाल कर रहे हैं – यह अन्याय हमारे साथ हो रहा है और आप हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं!ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि इस आदेश को रोका जाए, नहीं तो आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
जनप्रतिनिधियों ने डीएम से मिलकर अपनी बात रख दी है। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी इस पर क्या निर्णय लेते हैं। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि डीएम के निर्णय के बाद ही वे आगे का रुख तय करेंगे।
Author: Darpan 24 News











