स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सक होंगे सम्मानित

अस्पतालों में उपलब्ध सभी संसाधनों को रखें फंक्शनल।
चिकित्सकों एवं कर्मियों के कार्यों की नियमित हो मॉनिटरिंग।
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर जोर।
जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न।

बेतिया:_ जिला पदाधिकारी, श्री तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में आज जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, फैमिली प्लानिंग, नियमित टीकाकरण, मरीज सेवा, एनीमिया स्क्रीनिंग, गैर-संचारी रोग (NCD), एनसीडी स्पेशल ड्राइव, हाइपरटेंशन, कैंसर स्क्रीनिंग, भव्या, ओपीडी/आईपीडी, एचएससी एडॉप्शन, दवा एवं वैक्सीन वितरण, प्रसव पूर्व जांच (ANC), हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) मैनेजमेंट, एचपीवी वैक्सीन, MDR/CDR, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी ने अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए चिकित्सकवार किए जा रहे कार्यों एवं प्रदर्शन की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जो चिकित्सक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, उन्हें शोकॉज किया जाए, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों को प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाए।
उन्होंने अस्पतालों से अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि केवल वैसे गंभीर अथवा जटिल मामलों को ही उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाए, जिनका उपचार संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में संभव नहीं हो। इससे मरीजों एवं उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
जिला पदाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं के चयन की प्रक्रिया को अविलंब पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किए गए उद्घाटन से संबंधित कार्यक्रमों में एनसीडी एवं एएमबी के तहत बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण सहित सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बेहतर उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया। कम उपलब्धि वाले एमओआईसी—मधुबनी, सिकटा, नरकटियागंज, रामनगर एवं योगापट्टी को अविलंब सुधार करने का सख्त निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन सहित सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए तथा स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में उपलब्ध सभी संसाधनों एवं उपकरणों को पूरी तरह फंक्शनल रखा जाए। सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित समय पर अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की रात्रिकालीन जांच भी कराई जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रात्रि में भी मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से मिल रही हैं।
उन्होंने अस्पताल भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि जिन भवनों की मरम्मति आवश्यक है, उनकी अविलंब मरम्मति कराई जाए तथा आवश्यकता के अनुसार रंग-रोगन भी कराया जाए, ताकि मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी बेहतर, प्रभावी और मरीज-केंद्रित होनी चाहिए।अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर आवश्यक उपचार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन, डॉ. विजय कुमार, एसीएमओ, डॉ. रमेश चन्द्रा सहित डीपीएम, सभी एमओआईसी, सभी बीएचएम, सभी बीसीएम एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
Author: Darpan 24 News









