दरभंगा नगर निगम की बोर्ड की बैठक में अचानक ठीक करने की बात उठने लगी यह बात नगर निगम के इंजीनियर और ठेकेदारों को ठीक करने की बात थी ! पार्षद कहने लगे कि यह लोग कैसे ठीक होंगे और कब ठीक होंगे क्योंकि पब्लिक पार्षदों के दरवाजे पर आकर गाली बोलती है ये लोग अपना काम समय पर पूरा नहीं करते हैं! लगभग 48 वार्ड में कई दर्जनों योजना है जो लंबित है! यह बात उठा रहे थे शसक्त स्थाई समिति सदस्य सह वार्ड संख्या 31 के पार्षद नफ़ीसुल हक और सिंह को उन्होंने महापौर और नगर आयुक्त महोदय की तरफ इशारा करते हुए बोले कि जब यहां के इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर स्थाई समिति के सदस्य की बात नहीं सुनते हैं तो आम पार्षद की क्या बात सुनते होंगे ? कल चुनाव होगा हम लोग जनता के बीच में जाएंगे वोट मांगेंगे पब्लिक हमें गाली देगी तो क्या यह इंजीनियर और ठेकेदार हमें काम आएंगे? ऐसा लग रहा है नगर निगम में पार्षद कमजोर हो गया है और यहां के कर्मचारी बहुत मजबूत है ! किसी की सुनते नहीं है! वहीं नफीसुल हक ने अंतिम में कहा कि एक समय सीमा तय की जाए जिसके अंदर में ठेकेदार और इंजीनियर को काम पूरा करना होगा यदि नहीं हुई तो क्या मैं आत्महत्या कर लूं ! यह पूरी चर्चा दरभंगा नगर निगम की स्थाई समिति की बैठक में उठाई गई जिसमें अधिकतर पार्षदों ने सहमति जताई और कहा कि यही हाल सभी वार्डो का है!

Author: Mr.M.H.Khan
Editor in Chief









