(सी.एम. कॉलेज, दरभंगा में व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड का कार्यक्रम)

दरभंगा – वर्तमान युग में उच्च शिक्षण संस्थानों के सामने एक बड़ी चुनौती यह है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी हमारे छात्र बेरोजगार हैं और इसका एकमात्र कारण यह है कि हम शिक्षा के साथ-साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने को लेकर गंभीर नहीं हैं। जबकि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में डिग्री के साथ-साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना अनिवार्य कर दिया गया है। ये विचार दरभंगा के सी एम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने व्यक्त किए। प्रोफेसर अहमद कॉलेज में स्टर्न जोन के व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें दोनों ही यह सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही हैं कि स्नातक हो चुके हमारे छात्र इंटर्नशिप करें और इस दौरान उन्हें सरकार द्वारा 12,300 रुपये की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। इस अवसर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड के विशेष अधिकारी अखिलेश कुमार ने कहा कि स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहे सभी छात्रों को पोर्टल पर अपना नाम पंजीकृत कराना चाहिए ताकि उन्हें विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए चुना जा सके। वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ललित कुमार शर्मा की देखरेख में महाविद्यालय में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें विभागाध्यक्ष भी भाग ले रहे हैं और छात्रों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अवसर पर डॉ. मयंक श्रीवास्तव, डॉ. अनुपम सिंह, डॉ. विजय सेन पांडे, डॉ. दिनेश साह, डॉ. फैजान हैदर, डॉ. मसरूर हादी, डॉ. गौरव कुमार आदि ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। आज के विशेष अभियान में सौ से अधिक छात्रों ने अपना नाम दर्ज कराया। छात्रों के हित में यह अभियान जारी रहेगा और सभी विभागाध्यक्ष इसमें भाग लेंगे।
Author: Sanjay Kumar Sahni










