इन्फेंट्री – डे पर इतिहास विभाग में व्याख्यान आयोजित

27 अक्टूबर 1947 के सैन्य अभियान और पैदल सेना की ऐतिहासिक भूमिका पर हुआ विमर्श

बेनीपुर ,दरभंगा;_(डॉ संजय कुमार सहनी) _27 अक्टूबर 2026। इन्फेंट्री डे के अवसर पर सब डिविजनल गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, बेनीपुर के इतिहास विभाग में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत विषय प्रवेश के साथ इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संजय कुमार सहनी ने कराया।

डॉ. सहनी ने विद्यार्थियों को इस दिवस के ऐतिहासिक महत्त्व से अवगत कराते हुए बताया कि 27 अक्टूबर 1947 को भारतीय सेना की प्रथम बटालियन, सिख रेजिमेंट (1 सिख) के जवान लेफ्टिनेंट कर्नल दीवान रणजीत राय के नेतृत्व में श्रीनगर हवाई अड्डे पर उतरे थे। इसी अभियान की स्मृति में हर वर्ष यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर को भावनात्मक श्रद्धांजलि के साथ-साथ प्रमाणित तथ्यों और व्यापक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में समझना आवश्यक है।

व्याख्यान में 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हरि सिंह द्वारा विलय-पत्र पर हस्ताक्षर और 27 अक्टूबर को गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा उसकी स्वीकृति का उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि स्वीकृति-पत्र में यह भी कहा गया था कि हमलावरों को हटाने और कानून-व्यवस्था बहाल होने के बाद विलय का प्रश्न जनता की इच्छा के संदर्भ में तय होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से विलय-पत्र, सैन्य सहायता के अनुरोध, मंत्रिमंडलीय विचार-विमर्श और आगे के घटनाक्रम को एक साथ देखने का आग्रह किया।

उन्होंने श्रीनगर हवाई अड्डे की रणनीतिक अहमियत, भारतीय वायुसेना और नागरिक विमानन कर्मियों के योगदान तथा लेफ्टिनेंट कर्नल रणजीत राय के बलिदान की चर्चा की। साथ ही मेजर सोमनाथ शर्मा के साहस का स्मरण किया, जिन्हें 3 नवंबर 1947 को बडगाम की लड़ाई के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र प्रदान किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों घटनाएँ एक ही अभियान से जुड़ी थीं, पर उनकी तिथियाँ और परिस्थितियाँ भिन्न थीं।

डॉ. सहनी ने कहा, “प्रमाणित इतिहास राष्ट्रीय गौरव को कमजोर नहीं करता, वह उसे अधिक विश्वसनीय और स्थायी बनाता है।” उन्होंने शहीद परिवारों की गरिमा, पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज की जिम्मेदारी पर भी बल दिया।

इस अवसर पर इतिहास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. चंदन कुमार ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने इन्फेंट्री दिवस के मौके से देश के निर्माण एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सेना के योगदान को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के इतिहास विभाग के सातवीं सेमेस्टर के छात्र – अरमान नूरी, नाजिम, सबीहा नाज़, नेहा, प्रीति, रेशमी एवं अन्य उपस्थित रहे।


Leave a Comment

और पढ़ें