
दरभंगा (डॉ संजय कुमार सहनी):_माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित केस, डब्लू.पी.(सी) संख्या – 362/2026, तालाब बचाओ अभियान बनाम बिहार सरकार के आलोक में बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यालय आदेश मेमो संख्या 04/पर्या/वन(मु) 51/2026-5965, दिनांक 22.09.2026 के तहत 6 सदस्यों वाली “संयुक्त निरीक्षण समिति” का गठन डीएम, दरभंगा की अध्यक्षता में किया गया है, जिसमें नगर आयुक्त, बुडको चीफ जेनरल मेनेजर, बिहार पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रीजनल मेनेजर, तलबा बचाओ अभियान के संयोजक नारायण जी चौधरी एवं प्रमंडलीय वन पदाधिकारी, दरभंगा सदस्य हैं । इस समिति की पहला बैठक दिनांक 26.09.2026 को हुई , जिसमें निम्नलिखित निर्णय लिया गया |

1. उत्तर, पश्चिम और पूरब दिशा में छठ पूजा के लिए हराही पोखर किनारे लगाये गये पत्थर के टुकड़ों को हटाकर पुराने घाट को रेस्टोर किया जाय और उसे मरम्मत किया जाय ताकि हराही पोखर के सैकड़ों वर्ष से मनाये जा रहे छठ पूजा की भव्यता और गरिमा बना रहे |
2. जो भी काम आगे होगा, उसे पर्यावरण के नियमों और विकास की ज़रूरतों का पालन करना चाहिए। दरभंगा में मौजूद तीन तालाबों – गंगासागर, दिग्घी और हराही के रकबा और इकोलॉजिकल स्वरूप को नुकसान पहुँचाने वाला कोई भी काम नहीं किया जाना चाहिए |
3. कुछ अतिक्रमण को हटाया गया है और तीनों तालाबों का फ्रेश सीमांकन कर बांकी अतिक्रमण को हटाया जाएगा |
4) बुडको के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने जानकारी दी कि माननीय अदालतों के स्टे ऑर्डर (रोक के आदेश) का पालन करते हुए अभी इन तीनों तालाबों पर कोई काम नहीं हो रहा है।
5. दरभंगा के डी.एम. और श्री नारायण जी चौधरी, दोनों की राय थी कि वेटलैंड (आर्द्रभूमि) के कुछ जाने-माने विशेषज्ञों को शामिल किया जाना चाहिए। ये विशेषज्ञ सौंदर्यीकरण के काम की देखरेख कर सकें और यह सुनिश्चित कर सकें कि पर्यावरण से जुड़े सभी नियमों का पालन हो
6. समय-समय पर तीनों तालाबों के साइट का समिति द्वारा भौतिक निरीक्षण किया जाना चाहिए कि काम माननीय न्यायालयों के दिशा निर्देशों और आदेशों के अनुसार हो रहा है या नहीं ।
7. मुजफ्फरपुर स्थित बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि उनके द्वारा इन तालाबों के पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जा रही है।
8. यह सुझाव दिया गया की तालाबों के किनारों में स्थानीय जैव विविधता को आकर्षित करने के लिए देशी घास, कतरा घास, प्राकृतिक झाड़ियों और पेड़ों को लगाकर जैविक तटबंध स्थिरीकरण तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए तटबंध को स्थिर किया जाना चाहिए।
9. दरभंगा के डी.एम. ने सभी संबंधित पक्षों को ओ.ए. नंबर 155/2022/EZ में माननीय एन.जी.टी. द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करने का निर्देश दिया। साथ तालाबों से जुड़े उपयोगी परम्परागत ज्ञान, सुझाव, जानकारी को सौन्दर्यीकरण योजना में जोड़ने के लिए निर्देश दिए ताकि स्थानीय लोगो की भागीदारी को भावना को संतुष्टि मिले |
संयोजक, नारायण जी चौधरी ने तालाब बचाओ अभियान के तरफ से इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए डी.एम. महोदय और अन्य पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किये |
Author: Sanjay Kumar Sahni











