जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां तेज, चार बैचों में पदाधिकारियों एवं कर्मियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

 

 

डिजिटल मोबाइल ऐप के माध्यम से होगी मुख्य जनसंख्या गणना, स्वयं गणना के लिए भी मिलेगा वेब पोर्टल का विकल्प

राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों ने जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं एवं दायित्वों की दी विस्तृत जानकारी


दरभंगा :-भारत की जनगणना-2027 स्वतंत्र भारत की आठवीं जनगणना है। यह केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि देश के सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय स्वरूप का प्रामाणिक आधार है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास सहित विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है।

जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य जिले में निर्धारित समय-सारणी के अनुसार 02 मई से 31 मई 2026 तक सफलतापूर्वक संपन्न किया जा चुका है। प्रथम चरण की सफलता में संबंधित पदाधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

अब जनगणना के द्वितीय चरण अर्थात मुख्य जनसंख्या गणना (Population Enumeration-PE) की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। यह चरण 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है। इस बार जनगणना को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए पहली बार डिजिटल मोबाइल ऐप के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नागरिकों को 10 जनवरी से 25 जनवरी 2027 तक वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं गणना (Self-Enumeration) करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा।

द्वितीय चरण के सफल क्रियान्वयन एवं कर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के उद्देश्य से 30 अक्टूबर से 06 नवंबर 2026 तक कुल चार बैचों में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य स्तर से आए मुख्य प्रशिक्षक श्री रोहित कुमार एवं श्री अमिताभ कुमार ने पदाधिकारियों, लिपिकों एवं तकनीकी सहायकों को जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया, कार्यप्रणाली, विभिन्न अवधारणाओं, मानकों एवं दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों की जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का समाधान भी किया गया। साथ ही कंप्यूटर के माध्यम से प्रायोगिक अभ्यास कराते हुए ईबी (Enumeration Block) अर्थात गणना ब्लॉक के गठन एवं उससे संबंधित तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई।

इसी क्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, पटना के सहायक निदेशक श्री रवि रंजन ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का अनुश्रवण किया तथा प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए जनगणना के तकनीकी कार्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य संपन्न कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पदाधिकारी एवं गणना कर्मी को निर्धारित दिशा-निर्देशों का भली-भांति अनुपालन करना होगा। डिजिटल मोबाइल ऐप का सही उपयोग, समयबद्धता, निष्पक्षता एवं नागरिकों की सक्रिय सहभागिता इस कार्य की सफलता के प्रमुख आधार होंगे।

प्रथम चरण की सफलता के बाद अब द्वितीय चरण को भी उसी संकल्प, समन्वय एवं टीम भावना के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया गया। प्रशिक्षण सत्र का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

इस अवसर पर जिला जनगणना कोषांग के सहायक नोडल पदाधिकारी (प्रशिक्षण कोषांग) श्री अशोक कुमार, श्री देवनारायण महतो, श्री वीरेन्द्र प्रसाद एवं मो. राजिक हुसैन सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।

 

Mr.M.H. Khan
Author: Mr.M.H. Khan


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