मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा दे सरकार, बिहार में प्रशासनिक अराजकता चरम पर – भाकपा(माले)


दरभंगा:_बाबूबरही की जघन्य घटना के खिलाफ आज भाकपा(माले) दरभंगा जिला कमिटी के नेतृत्व में प्रतिवाद मार्च निकाला गया। प्रतिवाद मार्च पोलो मैदान से शुरू होकर लहेरियासराय टावर तक पहुंचा। मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने घटना के दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से कड़ी से कड़ी सजा देने तथा मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बिहार में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर भाकपा(माले) के जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि बाबूबरही की घटना बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता का एक गंभीर उदाहरण है। राज्य में प्रशासनिक अराजकता चरम पर पहुंच गई है। आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा खतरे में है। पुलिस प्रशासन अपराध पर नियंत्रण करने में विफल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल कानून-व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि पुलिस से लेकर अपराधी तक बेलगाम हैं। उन्होंने मांग की कि घटना के सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार ने कहा कि बिहार में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है और आम लोगों में भय का माहौल है। बाबूबरही की घटना ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए। केवल बयानबाजी और आश्वासन से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने, दोषियों को कठोर सजा दिलाने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। भाकपा(माले) इस सवाल पर अपना संघर्ष जारी रखेगी।
प्रतिवाद मार्च के माध्यम से भाकपा(माले) ने सरकार से मांग की कि बाबूबरही घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए, सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा दिलाई जाए तथा मृतक के आश्रितों को 20 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार को उचित सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित किया जाए।
मार्च में भाकपा (माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, जिला कमिटी सदस्य विनोद सिंह, उमेश कुमार साह, पूर्व प्रमुख हरि पासवान, खेग्रामस नेता मो जमालुद्दीन, सत्यनारायण पासवान “पप्पू पासवान, देवेंद्र कुमार, किसान महासभा के नेता केशरी कुमार यादव, इंसाफ नेता मो शौकत, विजय महासेठ, अनिरुद्ध पासवान, हरिश्चंद्र पासवान, राकेश कुमार, उदय यादव आदि शामिल थे।
Author: Mr.M.H. Khan









