सरकारी कई लोन के नाम पर कई उपभोक्ता का पैसा अपने अकाउंट में बैंक और उद्योग कर्मी के मदद से करवाया ट्रांसफर

दरभंगा जिला का निवासी पीड़ित राजकिशोर राय वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लोन के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक में आवेदन जमा किया था किसी कारणवश उस समय उनका लोन अप्रूव नहीं हो पाया और वह अपने रोजगार की तलाश में दिल्ली चला गया ! वर्ष 2026 में जब किसी आर्थिक संकट में आया तो लोन के लिए किसी दूसरी जगह अप्लाई किया जहां से उसे पर पता चला उनके नाम पर 18 लख रुपए का लोन पहले से चल रहा है! जिसके बाद राज किशोर राय के पांव के नीचे से जमीन खिसक गई और वह फिर दरभंगा पहुंचा और इंडियन ओवरसीज बैंक से पता किया तो उसे कुछ नहीं बताया गया सिर्फ इतना बताया गया कि उनके नाम पर 18 लख रुपए का लोन है फिर वह दरभंगा के साइबर थाना में वर्ष 2026 में आवेदन दिया जिसमें 25/26 केस दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया ! अनुसंधान शुरू करने के बाद पुलिस बैंक पहुंची जहां से पुलिस को जानकारी की पीड़ित के नाम पर 18 लख रुपए का लोन है और जिसमें 50% सब्सिडी भी है जो प्रधानमंत्री फूड प्रोसेसिंग स्कीम के तहत मिला है फिर पुलिस उस खाता को खंगाला जिस खाते में पैसा गई उस खाते के स्टेटमेंट को खंगालना शुरू किया तो पुलिस को पता चला जिस खाते में पैसा जा रहा है वह खाता विपिन पासवान का है जो दरभंगा जिला के बिशनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाघला कलमपुर का निवासी है जब पुलिस ने इस केस को और खंगाला तो आरोपी बाघला कलमपुर निवासी विपिन दास के विपिन एंटरप्राइजेज जो बैग मैन्युफैक्चरर कंपनी के नाम से रजिस्टर्ड है उस खाते में लगभग 10 लोगों के लोन का पैसा जो 2 करोड़ के आसपास होता है वह ट्रांसफर है! विपिन पासवान को जब उठाया गया तो विपिन पासवान ने पूछताछ के क्रम में यह स्वीकार किया कि 2024 से एक मैनेजर थे बैंक में उनकी मिली भगत से यह पूरे कार्य को अंजाम दिया जा रहा था और साथ ही साथ विपिन पासवान का एक मित्र कृष्णा पासवान जो उद्योग विभाग में कर्मी है उसकी मिलीभगत से इस पूरे कारनामा को अंजाम दिया जा रहा था ! पुलिस ने आरोपी विपिन पासवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और अग्रिम कार्रवाई भी कर रही है! पुलिस को अब उस बैंक कर्मी और औद्योगिक विभाग के कर्मी की तलाश जारी है!

Author: Mr.M.H.Khan
Editor in Chief









