
भाजपा से बिहार सरकार के SC/ST मंत्री लखींद्र पासवान ने खुद अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों और अधीक्षक को फटकार लगाई।
मंत्री जी ने साफ शब्दों में कहा —“डॉक्टर हैं या डाकू? कंधे की हड्डी टूटी हुई है और आप डिस्चार्ज कर रहे हैं? 24 घंटे में सस्पेंड करवा देंगे!”
पूरी खबर विस्तार से समझे :_ मंगलवार को मंत्री लखींद्र पासवान दरभंगा के हरीनगर के पीड़ित परिवार से मिलने डीएमसीएच पहुंचे। घायलों की हालत देखकर मंत्री जी आगबबूला हो गए!परिजनों ने शिकायत की कि कंधे की हड्डी टूटने के बावजूद मरीज को डिस्चार्ज किया जा रहा है।यह सुनते ही मंत्री जी ने अस्पताल अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई और कहा:”डॉक्टर भगवान होते हैं, लेकिन ऐसा इलाज करेंगे तो भरोसा कैसे रहेगा? पूरा इलाज होने के बाद ही डिस्चार्ज कीजिए। अगर गड़बड़ी मिली तो 24 घंटे में सस्पेंड करवा देंगे।”
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि:_जिस मामले में कई मंत्री, विधायक और विपक्षी नेता खुद नजर बनाए हुए हैं
बिहार से लेकर दिल्ली तक के नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच चुके हैं,यहां तक कि चिराग पासवान भी आ चुके हैं,फिर भी 25 दिनों बाद इलाज में लापरवाही क्यों?अगर इतने हाई-प्रोफाइल केस में यह हाल है तो आम जनता का इलाज कैसे होता होगा?
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बताया जा रहा है कि घायल बच्ची कोमल कुमारी को हड्डी जोड़ने के लिए निजी अस्पताल भेज दिया गया।जब शिकायत हुई तो उसे फिर डीएमसीएच बुलाया गया।
लेकिन सवाल वही है —
किसने भेजा?
क्यों भेजा?
अब तक किसी पर कार्रवाई क्यों नहीं?यह आरोप किसी विपक्षी नेता ने नहीं लगाया, बल्कि खुद बिहार सरकार के मंत्री ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है।
डीएमसीएच की व्यवस्था पर यह घटना एक बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी?
या मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
Author: Mr.M.H.Khan
Editor in Chief









