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दरभंगा में चौरचन की खुशियां मातम में बदलीं, बधिया पुल के पास दर्दनाक सड़क हादसा, राजमिस्त्री की मौत,

 

दरभंगा के सदर थाना क्षेत्र से एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। जहां चौरचन पर्व की खुशियां मना रहे एक परिवार में पल भर में मातम पसर गया।

मृतक उमेश राम का फोटो

 

मामला बदिया पुल के पास का है, जहां सोमवार को दो बाइकों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में 48 वर्षीय राजमिस्त्री उमेश राम की जान चली गई, जबकि दूसरी बाइक पर सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे की पूरी कहानी

मृतक उमेश राम, जो कि सारामोहमद गांव के रहने वाले थे, पेशे से राजमिस्त्री थे। सोमवार को वह अंधरी गांव में काम करने गए थे। काम खत्म कर घर लौटते वक्त उन्होंने सोचा कि त्योहार का मौका है, तो पत्नी के लिए चौरचन पर्व की साड़ी लेते चलें। उन्होंने गौसाघाट में रुककर अपनी पत्नी के लिए बड़ी उम्मीदों से साड़ी खरीदी।

लेकिन किसे पता था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी खरीदारी साबित होगी। साड़ी खरीदकर जैसे ही वह अपने घर की ओर बढ़े, बदिया पुल के पास स्थित हनुमान मंदिर के सामने दरभंगा की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई।

अस्पताल पहुंचते-पहुंचते टूट गई सांसें

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उमेश राम और दूसरी बाइक पर सवार दोनों लोग लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की मदद से सभी घायलों को तुरंत डीएमसीएच (DMCH) भेजा गया। लेकिन अफसोस, उमेश राम ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वही, दूसरी बाइक पर सवार दोनों घायलों का इलाज फिलहाल डीएमसीएच में चल रहा है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

उमेश राम अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार में अकेले वही कमाने वाले थे। जिस घर में चौरचन पर्व को लेकर हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार और सन्नाटा है।

फिलहाल सदर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही किसी का पूरा परिवार उजाड़ सकती है। इस ।

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Author: Darpan 24 News


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