पांच माह से मानदेय लंबित रहने पर ग्रामीण आवास कर्मियों में गहरा आक्रोश, दीपावली एवं छठ महापर्व से पूर्व भुगतान की मांग

 

दरभंगा :_ ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत कार्यरत ग्रामीण आवास सहायक, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक एवं लेखापाल विगत पांच माह से मानदेय भुगतान नहीं होने के कारण गंभीर आर्थिक एवं पारिवारिक संकट से गुजर रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर राज्य ग्रामीण आवास कर्मी संघ, बिहार (जिला इकाई-दरभंगा) के जिलाध्यक्ष राहुल कुमार ने दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को उप विकास आयुक्त-सह-जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, दरभंगा को मांग पत्र सौंपकर लंबित मानदेय के अविलंब भुगतान की मांग की है।
राहुल कुमार ने कहा कि ग्रामीण आवास कर्मी सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रामीण आवास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लाभार्थियों का सत्यापन, पात्र परिवारों की पहचान, आवास निर्माण की प्रगति का निरीक्षण, जियो-टैगिंग, डिजिटल पोर्टल पर आंकड़ों का संधारण एवं विभागीय प्रतिवेदन सहित अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर कर्मियों से विभागीय लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने की अपेक्षा की जाती है, वहीं दूसरी ओर पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मानदेय के अभाव में कर्मियों के समक्ष बच्चों की शिक्षा, परिवार का भरण-पोषण, वृद्ध माता-पिता की दवाइयों एवं घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं।
विशेष रूप से दीपावली एवं छठ महापर्व के अवसर पर आर्थिक संकट और भी गंभीर हो जाता है। ऐसे में कर्मियों एवं उनके परिवारों की स्थिति को देखते हुए लंबित मानदेय का भुगतान करना मानवीय एवं प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से आवश्यक है।
संघ की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं—
ग्रामीण आवास सहायक, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक एवं लेखापाल के पांच माह से लंबित मानदेय का अविलंब भुगतान किया जाए।
मानदेय भुगतान में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
दीपावली एवं छठ महापर्व को ध्यान में रखते हुए कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर लंबित मानदेय उपलब्ध कराया जाए।
भविष्य में मानदेय भुगतान में अनावश्यक विलंब नहीं हो, इसके लिए नियमित, पारदर्शी एवं समयबद्ध भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विभागीय कार्यों एवं निर्धारित लक्ष्यों का समय-सीमा में निष्पादन करने वाले कर्मियों की आर्थिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों को गंभीरता से लिया जाए।
राहुल कुमार ने जिला प्रशासन एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरीय अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि ग्रामीण आवास कर्मियों की मांग किसी प्रकार का अतिरिक्त लाभ प्राप्त करने की नहीं, बल्कि उनके किए गए कार्यों के बदले देय मानदेय के भुगतान की है। कर्मियों की आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों को समझते हुए सरकार एवं विभाग संवेदनशीलता के साथ शीघ्र सकारात्मक निर्णय लें।

Mr.M.H. Khan
Author: Mr.M.H. Khan


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