दरभंगा मेडिकल कॉलेज का 101वाँ स्थापना दिवस एवं एलुमनाई मीट में पहुंचे संजय झा

दरभंगा मेडिकल कॉलेज का 101वाँ स्थापना दिवस एवं एलुमनाई मीट शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा पूर्व छात्र–केंद्रित कार्यक्रमों के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नवाचार, शैक्षणिक उत्कृष्टता और जनसेवा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद एवं मिथिला पुत्र के रूप में विख्यात श्री संजय कुमार झा जी ने उभरती चिकित्सा तकनीकों—विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा एवं चिकित्सा शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग—में दरभंगा मेडिकल कॉलेज की अग्रणी भूमिका पर बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुविचारित योजना और सशक्त संस्थागत नेतृत्व से यह महाविद्यालय देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में स्थान बना सकता है।

उन्होंने दरभंगा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थापित करने के लिए बिहार सरकार द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने की पहल का स्वागत किया और इसे क्षेत्र की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संपर्क-सुविधा तथा शिक्षा–स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उद्घाटन सत्र में संस्थान की ऐतिहासिक विरासत, मिथिला क्षेत्र में उसके योगदान तथा भावी कार्ययोजना पर विचार साझा किए गए। वरिष्ठ शिक्षकों एवं एलुमनाई सदस्यों ने महाविद्यालय से अपने दीर्घकालिक जुड़ाव को स्मरण करते हुए निरंतर प्रगति की शुभकामनाएँ दीं।

डॉ. एच. डी. सिंह ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज की सौ वर्षों की गौरवशाली परंपरा पर केंद्रित प्रस्तावना प्रस्तुत की। स्वागत भाषण प्राचार्य डॉक्टर यूं सी झा द्वारा दिया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ बिजेंद्र मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर 101वें स्थापना दिवस की स्मारिका का विमोचन किया गया, जिसके मुख्य संपादक डॉ ओम प्रकाश हैं। डॉ सुशील कुमार डॉक्टर राजेश झा डॉक्टर पी एम श्रीवास्तव और श्री अमन कुमार इसके संपादक थे।

 

विशिष्ट वक्ताओं में दरभंगा चिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य एवं मिथिला एवं एकेयू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ समरेंद्र प्रताप सिंह, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्र पूर्व प्राचार्य डॉक्टर अलका झा पूर्व अधीक्षक डॉक्टर शीला कुमारी तथा एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव डॉ सुशील कुमार शामिल थे। डॉ. सुशील कुमार ने चिकित्सकों से जुड़ी प्रमुख समस्याओं—संस्थान-विशिष्ट नियुक्ति की व्यवस्था, अनावश्यक स्थानांतरण से बचाव, पेंशन प्रक्रिया में विलंब तथा कार्यरत दंपतियों को एक ही स्थान पर पदस्थापन की कठिनाइयों—को रेखांकित किया। इस पर श्री संजय कुमार झा ने राज्य सरकार के स्तर पर समाधान के लिए सक्रिय पहल का आश्वासन दिया। वरीय स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मीना महासेठ की मंच पर गरिमामयी उपस्थिति थी।

 

स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ प्रातः परिसर की हेरिटेज बिल्डिंग में पारंपरिक ध्वजारोहण एवं मार्च-पास्ट से हुआ। कॉलेज पुस्तकालय में प्राचार्य, अधीक्षक, अल्युमिनी एसोसिएशन के सचिव डॉ सुशील कुमार वरीय एलुमिनी डॉक्टर ओम प्रकाश एवं अन्य शिक्षक और छात्रों द्वारा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। छात्रों द्वारा समसामयिक विषयों एवं मानव मूल्यों पर आधारित नुक्कड़ नाटक एवं थीम प्रस्तुति दी गई। छात्रों ने बॉलीवुड सॉन्ग पर एक फ्लैशबैक भी प्रस्तुत किया।

एक वैज्ञानिक सत्र में मुजफ्फरपुर के टाटा कैंसर अस्पताल के सौजन्य से मृत्यु के चिकित्सकीय प्रमाणीकरण पर एक वर्कशॉप आयोजित किया। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ अएशिक चक्रवर्ती (Dr Ayeshik Chakraborty) थे, जो यूएससीओडी, एचबीसीएच एवं आर सी के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर हैं। ट्रेनिंग में डॉक्टर रितेश कुमार ऋतुराज, डॉक्टर बुराहनूदीन कुयामी एवं डॉक्टर निशांत कुमार ने दिया। इस वर्कशॉप में चिकित्सकों एवं स्नातकोत्तर छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम में तीन गरिमामय क्षण डॉ सुशील कुमार के नेतृत्व में ग्रैंड मास्टर का सम्मान, डॉ आसिफ शाहनवाज केनेतृत्व में गोल्ड मेडल और डॉ अशोक कुमार के नेतृत्व में सेवानिवृत शिक्षकों का सम्मान रहे। डॉ अशोक कुमार गुप्ता, डॉ सावित्री ओझा, डॉ प्रेमलता, डॉ रामेश्वर प्रसाद, डॉक्टर मधुरेंद्र किशोर एवं डॉक्टर मोहम्मद जफर आलम को ग्रैंड मास्टर सम्मान से सम्मानित किया गया। जिन सेवानिवृत शिक्षकों को सम्मान किया गया उनमें डॉक्टर कन्हैया जी झा, डॉक्टर अनिल कुमार मेहता, डॉक्टर सुदय कुमार सिंह, डॉक्टर नवीन कुमार शर्मा,डॉक्टर सुधीर चंद्र झा, डॉक्टर हेमकांत झा, डॉक्टर वसुधा रानी, डॉक्टर सुशील कुमार डॉक्टर प्रफुल्ल कुमार दास, डॉक्टर अलका झा एवं डॉ शीला कुमारी शामिल थे। डॉ एन पी मिश्रा गोल्ड मेडल डॉ रूबीना परवीन, डॉ बी सिंह गोल्ड मेडल डॉक्टर दीक्षा और राघव शरण गोल्ड मंडल डॉक्टर प्रिंस कुमार को मिले। कल 22 गोल्ड मेडल पी जी को वितरित किए। यूजी गोल्ड मेडल में तेजस्वी अवार्ड तुषार कुमार और तेजस्विनी अवार्ड साक्षी सिंह, गोल्डन ब्वॉय राजा बाबू और गोल्डन गर्ल का अवार्ड श्वेता पांडे को मिला। कुल 20 छात्र- छात्राओं को यूजी गोल्ड मेडल मिला।

समारोह का समापन सायंकाल भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसने छात्रों, शिक्षकों एवं एलुमनाई सदस्यों के लिए उत्सवपूर्ण वातावरण निर्मित करते हुए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की शताब्दी से आगे की यात्रा के इस ऐतिहासिक पड़ाव को यादगार बना दिया।

Mr.M.H.Khan
Author: Mr.M.H.Khan

Editor in Chief

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