
बेतिया, पश्चिमी चंपारण बिहार:_मत्स्य पालन के साथ-साथ मोती पालन को बढावा देने के उद्देश्य से किसानों एवं लाभुकों को जागरूक और मत्स्य पालकों के बेहतर आमदनी हो उक्त बातें डॉ नूतन , कार्यालय स्थित एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-सेमिनार दौरान मौके पर उपस्थित मत्स्य पलकों को संबोधित करते हुए कही। आगे आगे उन्होंने कहा कि मोती पालन के लिए तालाब में उपयुक्त जल की आवश्यकता होती है। इच्छुक किसान / लाभुक वैज्ञानिक विधि में मोती पालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर इस व्यवसाय को अपना सकते है। आगे उन्होंने कहा कि जिला मत्स्य कार्यालय में आकर लाभुकों को विभागीय योजनाओं एव उपलब्ध सुविधाओं की आवश्यक जानकारी प्रदान किया गया।

आगे उन्होंने बताया कि इकाई लागत-224600.00 (दो लाख चौबीस हजार छः सौ रूपय) और अनुदान प्रतिशत 60 प्रतिशत लाभ मिल सकता है। इस मौके पर विभाग के पदाधिकारी समेत चयनित मत्स्य लाभुक मौजूद रहे।
Author: Darpan 24 News










