दरभंगा राज स्थित माँ रुद्रेश्वरी व कामेश्वरी श्यामा मंदिर का जीर्णोद्धार कर उदघाटन किया गया!

दरभंगा राज परिसर स्थित कामेश्वरनगर स्थित ऐतिहासिक श्री श्री 108 माँ रुद्रेश्वरी काली मंदिर और श्री श्री 108 कामेश्वरी श्यामा मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य संपन्न हो गया है। कामेश्वर धार्मिक न्यास के ट्रस्टी कुमार राजेश्वर सिंह और कुमार कपिलेश्वर सिंह जी के सौजन्य से यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक पुनरुद्धार का कार्य पूरा किया गया। समारोह का शुभ उद्घाटन कामेश्वर धार्मिक ट्रस्ट के ट्रस्टी कुमार कपिलेश्वर सिंह, उनकी पत्नी रानी कविता कुमारी सिंह एवं उनके पुत्र कुमार अरिहंत सिंह के कर-कमलों द्वारा हुआ।

विशेष पूजा-अर्चना और शंखवादक विपिन मिश्रा के मंत्रोच्चारण व महाआरती के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान ट्रस्टी कुमार कपिलेश्वर सिंह ने अपने महान पूर्वजों को याद करते हुए मंदिर के इतिहास पर प्रकाश डाला। राजवंश के 18वें अधिपति महाराजा रुद्र सिंह जी की समाधि स्थल पर माँ रुद्रेश्वरी काली विराजमान हैं। भले ही उनका कार्यकाल 1839 से 1850 तक संक्षिप्त रहा, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय था।

1835 में मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी शिक्षा के पहले संस्थान ‘एंग्लो वर्नाक्युलर स्कूल’ की स्थापना के लिए उन्होंने जमीन और 5,000 रुपये का सहयोग दिया था। साथ ही मुंगेर व दरभंगा में भी अंग्रेजी विद्यालयों को बढ़ावा दिया। महाराजा रुद्र सिंह की समाधि पर स्थित इस मंदिर का निर्माण 1855 में उनके पुत्र महाराजा महेश्वर सिंह ने करवाया था। वहीं, माँ कामेश्वरी श्यामा काली मंदिर दरभंगा राज के अंतिम महाराजा, महाराजाधिराज डॉ. सर कामेश्वर सिंह जी की समाधि स्थल पर स्थित है।

महाराजा कामेश्वर सिंह एक दूरदर्शी व्यक्तित्व थे—

1930 में लंदन के प्रथम गोलमेज सम्मेलन के सबसे युवा प्रतिनिधि।

भारतीय संविधान सभा के निर्वाचित सदस्य और राज्यसभा सांसद।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर तथा बीएचयू, पटना व इलाहाबाद विश्वविद्यालय से गहरा जुड़ाव।

भूदान आंदोलन में संत विनोबा भावे को 1.17 लाख एकड़ भूमि का ऐतिहासिक दान।

‘दी इंडियन नेशन’ और ‘आर्यावर्त’ समाचार पत्रों की स्थापना कर पत्रकारिता को नई दिशा दी।

1965 में महारानी राजलक्ष्मी जी ने अपनी निजी संपत्ति से इस भव्य मंदिर का निर्माण करवाया था। कार्यक्रम में उपस्थित कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति लक्ष्मीनिवास पांडेय ने कहा कि दरभंगा राज का योगदान शिक्षा, खेल, कला और स्वास्थ्य हर क्षेत्र में अद्वितीय रहा है और राज परिवार आज भी उस परंपरा को निभा रहा है।

डॉ. संतोष कुमार के मंच संचालन में आयोजित इस भव्य समारोह में डॉ. हेमपति झा, वरिष्ठ प्रचारक डॉ. विनोद यादव, भाजपा नेता रंगनाथ ठाकुर, मुख्य प्रबंधक आशुतोष दत्ता, मीना झा सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे !

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Author: Darpan 24 News


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