
बेतिया’_ भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की पश्चिम चंपारण जिला कमिटी का जांच दल चनपटिया प्रखंड के औरैया,बरई टोला गांव के रहने वाले दिलशाद अंसारी के घर पहुंचा।वहां उनके पिता अकबर अंसारी का बयान लिया गया।
विगत दिनों बानूछापर तथा शाहोदरा थाना के लगभग 20 पुलिसकर्मी दिलशाद अंसारी को घर से देर रात्रि में पड़कर ले गई। सुबह जीएमसीएच अस्पताल बेतिया में उसका शव मिला। जिसके माथे पर गहरे निशान थे तथा खून निकल रहे थे। दिलशाद अंसारी को कस्टडी में लेकर पुलिस ने जानलेवा हमला किया। जिसमें उसकी हत्या हो गई।
जांच दल दिलशाद अंसारी की पत्नी तथा परिवार वालों की फरियाद सुनने के लिए उसके घर पहुंचा।तबतक चंपारण रेंज के डीआईजी, ए एसपी, डीएसपी नरकटियागंज समेत अनेक थाना की पुलिस बल पहुंच गई।डीआईजी से मुलाकात कर अपनी बातों को रखना चाहते थे लेकिन उन्होंने मृतक के पिता इकबाल अंसारी से औपचारिक बयान लेने की बात कही।
जांच दल का कहना है कि किसी भी अपराधी को गिरफ्तार कर हत्या करने का कानून कतई इजाजत नहीं देता।जब बिहार का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद हत्या का आरोपी है।उससे कानून व्यवस्था में सुधार की बात करना बे इंसाफी है।
जांच दल ने बताया के दिलशाद अंसारी की हत्या के बाद पश्चिम चंपारण आरक्षी अधीक्षक ने हत्या में संलग्न 6 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। लेकिन निलंबन कोई सजा नहीं है ।इसलिए दोषी सभी पुलिस कर्मियों पर हत्या का मुकदमा चलाकर जेल भेजा जाए। मृतक के आश्रितों को 30 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए। उसके पत्नी को एक सरकारी नौकरी दिया जाए तथा बच्चों के पढ़ने की सम्राट सरकार गारंटी करे।
जांच दल का नेतृत्व भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की बिहार राज्य सचिव मंडल सदस्य प्रभुराज नारायण राव, जिला सचिव चाँदसी प्रसाद यादव,जिला सचिव मंडल सदस्य एडवोकेट प्रकाश कुमार वर्मा,प्रभुनाथ गुप्ता,मोहम्मद वहीद,नीरज बरनवाल,मोहम्मद हनीफ, जयनाथ प्रसाद ,मोहम्मद सहीम,संजय राव ,मो. फारूख, मनौव्वर अंसारी, दोवा हकीम आदि दर्जनों की संख्या में लोग शामिल थे।

Author: Mr.M.H. Khan










