दरभंगा का कचहरी पोखर बना डंपिंग स्टेशन

 

पोखर पर पसरा कचरा

 

दरभंगा (DPN):_बिहार में आस्था और पवित्रता का महापर्व ‘छठ’ जिस पोखर के किनारे मनाया जाता हो, अगर वही पोखर कचरे के ढेर में तब्दील हो जाए, तो आप इसे क्या कहेंगे? दरभंगा के वार्ड नंबर 41 का महासेठ यानी ‘कचहरी पोखर’ इन दिनों नगर निगम की लापरवाही का जीता-जागता सुबूत बन गया है। हालात ये हैं कि यह ऐतिहासिक पोखर अब एक अघोषित ‘डंपिंग स्टेशन’ में बदल चुका है। स्थानीय लोग परेशान हैं, लेकिन प्रशासन मौन है। देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।

ये तस्वीरें किसी कूड़ाघर की नहीं, बल्कि दरभंगा के वार्ड 41 स्थित महासेठ यानी कचहरी पोखर की हैं। ये वही पोखर है, जहाँ हर साल बिहार के सबसे बड़े और पवित्र महापर्व ‘छठ’ की छटा देखने को मिलती है। लेकिन आज आस्था का यह केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पूरे इलाके का कचरा अब इसी पोखर के किनारे फेंका जा रहा है, जिससे यह नगर निगम का डंपिंग स्टेशन बन चुका है।

गंदगी और बदबू से तो लोग परेशान हैं ही, साथ ही स्थानीय लोगों ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि कचरे की आड़ में इस पोखर को धीरे-धीरे छोटा किया जा रहा है। अतिक्रमण का यह खेल सरेआम चल रहा है। कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन प्रशासन और नगर निगम के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।

स्थानीय लोगों की मजबूरी साफ है। जब डस्टबिन ही नहीं होंगे, तो स्वच्छ भारत अभियान के नारे धरातल पर कैसे उतरेंगे? नगर निगम की इस भारी लापरवाही से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।

आस्था के महापर्व छठ का केंद्र रहा यह कचहरी पोखर आज अपनी पहचान खोने की कगार पर है। डस्टबिन की कमी और प्रशासन की अनदेखी ने इसे कचरे का डंपिंग यार्ड बना दिया है। बड़ा सवाल ये है कि क्या नगर निगम कुंभकर्णी नींद से जागेगा? या फिर ऐसे ही इस ऐतिहासिक पोखर का अस्तित्व मिटता रहेगा?

Darpan 24 News
Author: Darpan 24 News


Leave a Comment

और पढ़ें