बज्जिका भाषा में प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई शुरू कराने की मांग, बिहार सरकार को सौंपा ज्ञापन

 

दरभंगा :_ अखिल भारतीय बज्जिका विकास संघ, बिहार ने राज्य सरकार से बज्जिका भाषा को शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने की मांग की है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश राय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बिहार सरकार से उत्तर बिहार के बज्जिका भाषी जिलों के प्राथमिक विद्यालयों से लेकर इंटरमीडिएट स्तर तक बज्जिका भाषा में भी पठन-पाठन शुरू कराने की मांग की है।
उमेश राय ने कहा कि उत्तर बिहार के लगभग दस जिलों में बज्जिका भाषी लोगों की बड़ी आबादी निवास करती है, जिनकी संख्या करीब तीन करोड़ बताई जाती है। इसके बावजूद बज्जिका भाषा को सरकारी स्तर पर अपेक्षित मान्यता और महत्व नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि बिहार में मगही, मैथिली, भोजपुरी और अंगिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को जिस प्रकार महत्व दिया जा रहा है, उसी प्रकार बज्जिका को भी शिक्षा व्यवस्था में स्थान मिलना चाहिए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में एक दर्जन से अधिक सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर बज्जिका भाषा का अलग भाषा कोड जारी करने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद अब तक बज्जिका भाषा कोड जारी नहीं किया गया है। उन्होंने इसे बज्जिका भाषी समाज के साथ उपेक्षा बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में पहल करने की अपील की।
उमेश राय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने से उनकी सीखने और समझने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने बिहार सरकार से जनहित में बज्जिका भाषा में प्राथमिक से इंटरमीडिएट स्तर तक पठन-पाठन की व्यवस्था शीघ्र शुरू कराने तथा भाषा को उचित सरकारी पहचान दिलाने की मांग की है।

Mr.M.H. Khan
Author: Mr.M.H. Khan


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