
पटना: _ 27 अगस्त 2026 को शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में छात्र प्रतिनिधिमंडल और उच्चाधिकारियों के बीच एक अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में विशेष सचिव (शिक्षा विभाग), पुलिस उप महानिरीक्षक (ईओयू), पटना के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक सहित छात्र प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक के दौरान छात्र नेताओं द्वारा रखी गई विभिन्न मांगों पर बिंदुवार विचार-विमर्श किया गया और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए।


बैठक में तय हुआ कि टी.आर.ई.-4 भर्ती प्रक्रिया में एकल परीक्षा आयोजित करने की मांग स्वीकार की जाएगी और ‘एक अभ्यर्थी एक परिणाम’ के संदर्भ में नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही 70वीं बीपीएससी परीक्षा की पारदर्शिता, 1799 दारोगा बहाली की जांच और बिहार पात्रता परीक्षा (BET) से जुड़े मामलों को पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होने वाली कमेटी के समक्ष रखा जाएगा, जिसके निर्णय के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

इसके अलावा पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली प्रक्रिया रिक्तियों के अनुसार शीघ्र शुरू करने, संविदा कर्मियों के वेटेज के लिए अलग कोटे पर उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा विचार करने और राज्य की भर्तियों में डोमिसाइल नीति लागू करने हेतु विधिक परामर्श के अनुसार कदम उठाने पर सहमति बनी। आयोग द्वारा भर्तियों का परीक्षा कैलेंडर जारी करने, अधिकतम उम्र सीमा में छूट के प्रस्ताव पर विचार करने तथा बीपीएससी की पिछली परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में ईओयू द्वारा निष्पक्ष जांच की प्रतिबद्धता दोहराई गई। साथ ही, संबंधित विभागीय पत्रांक को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्णय लिया गया। इन सभी आश्वासनों और सहमति के उपरांत छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सर्वसम्मति से अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
Author: Darpan 24 News










