
पटना: राष्ट्रीय जनता दल के आह्वान पर आज राजधानी पटना की सड़कों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। राज्य में बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक के मामलों और हाल ही में सीवान में छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र, युवा, शिक्षक अभ्यर्थी और राजद कार्यकर्ता शामिल हुए।

डाकबंगला और इनकम टैक्स चौराहे की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए थे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग और बैरिकेडिंग की गई, जिससे कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। कार्यकर्ताओं के भारी विरोध और हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया गया।

हिरासत के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि बिहार में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और सरकार रोजगार देने के बजाय दमनकारी नीतियां अपना रही है। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा अब झूठे आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे और राज्य में पारदर्शिता के साथ पक्की नौकरियों की बहाली जरूरी है।

मार्च के बाद राजद के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर एक विस्तृत 6 सूत्री ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सीवान घटना के दोषी अधिकारियों पर निष्पक्ष जांच और निलंबन, गर्दनीबाग में प्रदर्शनकारी छात्रों से तत्काल वार्ता, भर्ती परीक्षाओं में विसंगतियों के समाधान हेतु पारदर्शी शिकायत तंत्र के गठन तथा सभी विभागों में रिक्त पदों को सार्वजनिक कर छह महीने में बहाली पूरी करने के लिए स्पष्ट कैलेंडर जारी करने की मांग की गई है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने और वार्षिक अकादमिक कैलेंडर लागू करने का भी आग्रह किया गया है।
Author: Darpan 24 News












