गोपालगंज :_ पुलिस कप्तान आईपीएस विनय तिवारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके राज में वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार और मनमानी करने वालों की खैर नहीं है। जिले में अपनी सख्त कार्यशैली और जीरो टॉलरेंस नीति के लिए चर्चित एसपी ने जादोपुर थाने में चल रहे अवैध वसूली और खाकी के खेल का न सिर्फ पर्दाफाश किया, बल्कि तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, दो चौकीदारों और एक दलाल को सीधे सलाखों के पीछे भेज दिया। एसपी के इस कड़े प्रहार से पूरे महकमे में जबरदस्त खलबली मच गई है।

जादोपुर थाने में आम और निर्दोष नागरिकों को बिना किसी प्राथमिकी या विधिक आदेश के लगभग 36 घंटे तक गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाकर रखा गया था। इसके बाद मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर दलाल राजू यादव और चौकीदारों के जरिए 50 हजार से लेकर 75 हजार रुपये तक की मोटी अवैध रकम वसूली जा रही थी। जैसे ही यह गंभीर मामला पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के संज्ञान में आया, उन्होंने बिना किसी देरी के डीएसपी मुख्यालय को जांच का जिम्मा सौंपा।
जांच में पुष्टि होते ही एसपी के निर्देश पर जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026 दर्ज किया गया और तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, चौकीदार महंत कुमार यादव, राकेश कुमार और दलाल राजू यादव को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष और चौकीदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है।
आईपीएस विनय तिवारी की यह कोई पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी उन्होंने परिवहन विभाग के एक दरोगा को अवैध वसूली के मामले में रंगेहाथ जेल का रास्ता दिखाया था। लगातार हो रहे इन ताबड़तोड़ एक्शन ने जिले के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों की नींद उड़ा दी है।
एसपी विनय तिवारी ने कड़े शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि खाकी की आड़ में आम जनता का शोषण, रिश्वतखोरी और गैर-कानूनी हिरासत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी कानून से खिलवाड़ करेगा, उस पर कानून का ऐसा ही कठोर चाबुक चलेगा।
Author: Darpan 24 News











