जिला पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित पुलिस कर्मियों की आपराधिक संलिप्तता की उच्चस्तरीय जांच डीजीपी खुद करें- माले

पुलिस के अपराध को छिपाने के लिए परिवार और जनता पर दर्ज मुकदमा वापस ले प्रशासन, पीड़ित परिवार को तत्काल 10 लाख का मुआवजा मिले-माले
25 अगस्त तक मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 27 अगस्त को भाकपा माले और खेग्रामस की ओर से सभी प्रखण्डों पर सम्राट चौधरी का पुतला दहन होगा- बैद्यनाथ यादव
आईसा और इंकलाबी नौजवान सभा के स्कूलों को ठीक करो आंदोलन में मददगार बनेगा माले

दरभंगा, 21 अगस्त 2026:_मिथिलांचल में हाजत में ह्त्या, पुलिस प्रताड़ना से ह्त्या और आत्महत्या तथा अपराधियों के द्वारा हत्यायें आम बात बन गयी है। खतरनाक बात है कि पुलिस रक्षक की जगह भक्षक बन गयी है।मधुबनी जेल में नौजवान रौशन यादव की ह्त्या और दरभंगा के खराजपुर में मोनू सहनी द्वारा पुलिसिया आतंक के चलते की गयी आत्महत्या पुलिस की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। पुलिस की भूमिका वर्दी वाले गिरोह के रूप में बनती जा रही है। दरभंगा माले कार्यालय के विनोद मिश्र भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने उपरोक्त बातें कही। माले नेता ने कहा कि दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर के हालिया घटना को लेकर पार्टी का एक शिष्टमंडल जल्द ही डीजीपी से मिलेगा। पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर मोनू सहनीद्वारा किया गया आत्महत्या कांड दिखाता है कि पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे दमन और लूट खसोट का गिरोह चल रहा है। निष्पक्ष जांच और न्याय का तकाजा है कि तीनों पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया जाय जिसने दिन के उजाले में सादे कपड़े में रायफल के साथ सघन मुहल्ले में बिना स्थानीय थाना को सूचना दिये पहुँचा था। जनता के सामने हवा में फायर करते भागा था। घर वालों के मुताबिक 4 लाख रुपए देने को लेकर बार बार धमकी दे रहा था। वसूली पर यह गिरोह पहुंची थी, इसी बीच 19 वर्षीय मोनू सहनी ने घर में छुपकर आत्महत्या कर ली। जनता ने एक पुलिस को गिरफ्तार करके थाने को सौंप दी। उन्होंने कहा कि मामला सिवान जैसा है जहाँ एके 47 से प्रदर्शन पर गोली चलाया गया था और अब कोई जवाबदेही नहीं ले रहा है। डी आई यू की इस कारवाई की अगुवाई कौन कर रहा था? स्थानीय थाना को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गयी थी? मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी के स्तर पर जांच होनी चाहिए और परिवार- गांव वाले पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाना चाहिए।
इस अवसर पर जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि सत्ता सरकार में बैठे लोगों के नाक के नीचे ऐसी घटना हो रही है जो साबित करता है कि पुलिस बेलगाम हो गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार तत्काल 10 लाख का मुआवजा पीड़ित परिवार को दे और पीड़ित व ग्रामीण पर से बहादुरपुर थाना कांड संख्या 255/2026 को वापस लेने की मांग की।
आगे उन्होंने कहा कि अगर तीनों पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, परिवार और गांव वाले पर दर्ज झूठा मुकदमा वापस नहीं होता है और पीड़ित परिवार को 10 लाख का मुआवजा और पीड़ित परिवार व ग्रामीण पर से बहादुरपुर कांड संख्या 255/2026 वापस नहीं लिया जाता है तो 27 अगस्त को भाकपा माले और खेग्रामस की ओर से सभी प्रखण्डों में मुख्यमन्त्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन आंदोलन होगा।
वही इस अवसर पर आर वाई ए राज्य उपाध्यक्ष संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि दरभंगा विश्वविद्यालय कैंपस में छात्र युवा संसद की सफलता साबित करता है कि शिक्षा, परीक्षा और रोजगार आंदोलन के लिए मिथिला तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि आइसा और नौजवान सभा के स्कूलों को ठीक करो आंदोलन को भाकपा माले मजबूती देने का काम करेगी!
Author: Darpan 24 News











