सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पहुंची महिला के परिजनों से हजारों रुपये लेने का आरोप, कैमरे में कैद हुई अवैध वसूली! मझौलिया CHC की व्यवस्था पर गंभीर सवाल

 

बेतिया (मझौलिया से बब्लु कुमार पटेल की रिपोर्ट)

बेतिया :_झौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिहार में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने और गरीबों को मुफ्त एवं सुगम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के सरकार के दावों के बीच पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आई तस्वीरों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि प्रसव कराने पहुंची महिला के परिजनों से अस्पताल में अलग-अलग स्तर पर पैसे लिए गए और देखते ही देखते परिवार से करीब तीन से चार हजार रुपये तक ले लिए गए,मामला मझौलिया प्रखंड के पंडितपुर करमवा गांव निवासी अतुल कुमार की पत्नी नेहा कुमारी से जुड़ा है। परिजनों के मुताबिक, नेहा कुमारी को प्रसव के लिए मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया। परिवार को उम्मीद थी कि सरकारी अस्पताल में उन्हें सरकार की ओर से निर्धारित स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से मिलेंगी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि बच्ची के जन्म के बाद उनसे पैसे लिए गए और बाद में बच्ची को टीका लगाए जाने के दौरान भी पैसे लिए गए। परिजनों का दावा है कि अस्पताल में अलग-अलग मौकों पर पैसे देते-देते करीब तीन से चार हजार रुपये ले लिए गए उनका कहना है कि निजी अस्पताल में इलाज कराने पर चार्ज देना समझ में आता है, लेकिन सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी अगर मरीज के परिजनों को इस तरह पैसे देने पड़ें तो फिर सरकारी अस्पताल और निजी अस्पताल की व्यवस्था में अंतर क्या रह जाता है दरअसल, स्थानीय मरीजों और उनके परिजनों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हमारी टीम तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का रात्रि रियलिटी चेक करने निकली थी। सबसे पहले रात करीब 11 बजे हमारी टीम बैरिया प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, जहां अधिकांश व्यवस्था सामान्य नजर आई, लेकिन अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक तस्वीर सामने आई। सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड एक कमरे में भोजपुरी गाना बजाते हुए आराम करते नजर आए।, हालांकि कुछ कर्मियों के सोने की तस्वीरें कैमरे में रिकॉर्ड हुईं। लेकिन सबसे गंभीर और चौंकाने वाली तस्वीरें मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रात करीब 2:30 बजे सामने आईं, जहां मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत के दौरान अस्पताल की व्यवस्था को लेकर कई आरोप सामने आए। प्रसव के लिए पहुंची महिला के परिजनों ने हमारी टीम को बताया कि बच्ची के जन्म के बाद अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उनसे पैसे लिए गए और बाद में टीकाकरण के दौरान भी पैसे लिए गए। परिजनों के मुताबिक, अलग-अलग स्तर पर पैसे देते-देते करीब तीन से चार हजार रुपये ले लिए गए

राष्ट्रीय खबर संवाददाता के कैमरे में कैद इस वीडियो में अस्पताल की महिला स्वास्थ्यकर्मी और मरीज के परिजन के बीच पैसों को लेकर हो रही बात चित को देखा जा सकता है.हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका और पैसे लेने के वास्तविक कारणों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो स्पष्ट होगी.

इस पूरे मामले में अस्पताल प्रभारी डॉ.अनुपम प्रसाद का कहना है कि ‘यह मामला उनके संज्ञान में आया है। बेहद जल्द इसपर जांच शुरू की जाएगी। जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी’। अस्पताल प्रभारी के इस बयान के बाद सबकी निगाहें स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों के मन में ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या कैमरे में रिकॉर्ड लेन-देन की जांच की जाएगी? क्या संबंधित कर्मियों से पूछताछ होगी? और यदि आरोप सही पाए गएं, तो क्या दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी ?

सरकार की ओर से बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आई तस्वीरों और मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला सिर्फ तीन या चार हजार रुपये का नहीं है, बल्कि उन गरीब परिवारों के भरोसे का मामला है जो सरकारी अस्पताल को अपनी आखिरी उम्मीद मानकर पहुंचते हैं। जिन परिवारों के पास निजी अस्पताल में इलाज कराने की क्षमता नहीं है, अगर उन्हें सरकारी अस्पताल में भी पैसे देने की नौबत आ जाए, तो फिर मुफ्त इलाज जैसा क्या ही रह जाएगा।

फिलहाल, मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप और कैमरे में सामने आई तस्वीरें स्वास्थ्य विभाग के सामने हैं। अब जरूरत है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। अगर आरोप गलत हैं तो उन्हें स्पष्ट किया जाए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

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Author: Darpan 24 News


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