तेजस्वी के दौरे पर नज़रे आलम का कटाक्ष: दो महीने बाद याद आया पीड़ित परिवार

 

जनता को विपक्ष की नौटंकी वाली राजनीतिक स्वीकार नहीं

 

दरभंगा:_ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के मधुबनी के भोदली में रौशन यादव के परिवार और दरभंगा के पुरानी मुंसफी में स्वर्गीय फैज अहमद के परिवार से मुलाकात के कार्यक्रम पर जदयू नेता एवं ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नज़रे आलम ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

 

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में जदयू के वरिष्ठ नेता, विधायक, मंत्री, आयोग के चेयरमैन और स्थानीय जदयू नेताओं ने समय रहते पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर प्रशासन और सरकार के स्तर पर हरसंभव मदद एवं कार्रवाई के लिए पहल की है, जो आज भी जारी है। इसके बावजूद विपक्ष का दो महीने बाद अचानक सक्रिय होना राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नजर आती है।

 

नज़रे आलम ने कहा, “जब पीड़ित परिवारों को सहारे की जरूरत थी, तब विपक्ष कहां था? अब दो महीने बाद नींद से जागकर संवेदनशील घटनाओं को राजनीतिक मुद्दा बनाना जनता के दर्द का सम्मान नहीं, बल्कि राजनीति है।”

 

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कार्रवाई की है और सरकार भी ऐसे मामलों को लेकर गंभीर है। विपक्ष को सहयोग और न्याय की प्रक्रिया मजबूत करने की बात करनी चाहिए, न कि हर घटना में राजनीतिक अवसर तलाशना चाहिए।

 

नज़रे आलम ने कटाक्ष करते हुए कहा, “बिहार की जनता ऐसी ओछी राजनीति को पहले भी नकार चुकी है और आगे भी नकारेगी। जनता अब राजनीतिक हाजिरी नहीं, काम और परिणाम देखती है। विपक्ष बिहार में राजनीतिक रूप से मुर्दा हो चुका है, इसलिए जनता के बीच अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए पुराने मुद्दों को कुरेद रहा है।”

 

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना अच्छी बात है, लेकिन सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मामलों को हवा देना बिहार की जनता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी।

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Author: Darpan 24 News


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